15 अगस्त पर भाषण हिन्दी में (15 August Independence Day Speech in Hindi)

क्या आप भी अपने स्कूल में 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी में (15 August Independence Day Speech in Hindi) बोलने वाले है ?

यदि हाँ तो आपको इस पोस्ट में 15 अगस्त पर हिन्दी में भाषण लिखा हुआ मिलने वाला है | आप इसकी मदद से स्वतंत्रता दिवस पर हिंदी में भाषण तैयार कर सकते है |

चाहे आप अध्यापक हो या एक विद्यार्थी, आपको इस पोस्ट में अध्यापक के लिए 15 अगस्त पर भाषण व विद्यार्थी के लिए 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी भाषा में मिलने वाला है |

आपको यह भाषण जरूर पढ़ना चाहिए तथा अपनी खुद का भाषण भी इस पोस्ट से अवश्य तैयार करना चाहिए | ऐसी में सलाह देता हूँ | क्योंकि मैं खुद भी एक अध्यापक हूँ तथा अपनी स्कूल में 15 अगस्त पर हिंदी में भाषण बोलने वाला हूँ |

15 August Independence Day Speech in Hindi

15 अगस्त पर भाषण हिन्दी में (15 August Independence Day Speech in Hindi)

76 वां स्वतंत्रता दिवस इस वर्ष 2022 में 15 अगस्त को मनाया जा रहा है | स्कूल एवं कॉलेज में 15 अगस्त के दिन भाषण बोले जाते है |

15 अगस्त पर स्कूल एवं कॉलेज में एक मुख्य अतिथि होता है तथा पढ़ने वाले विद्यार्थियों के परिवार से लोग उपस्थित होते है |

आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, शिक्षकगण तथा प्यारे दोस्तों आप सभी का मेरा हार्दिक अभिनंदन |

आज के इस 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के कार्यक्रम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

जैसा कि आप सब को विदित है कि इस वर्ष 2022 में भारत देश ने आजादी के 75 साल पूरे कर लिए है इसलिए आज का दिन हम सभी भर्तियों के लिए गौरव का दिन है |

एक भारतीय को 15 अगस्त के दिन गर्व महसूस करना चाहिये, क्योंकि इस दिन हमारे पूर्वजों द्वारा किये गए वर्षों के संघर्ष और बलिदान की बदोलत हमारे देश भारत की मातृभूमि को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

हमें अपने पूर्वजों द्वारा किये गये बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और सदैव अपनी इस आजादी का आदर करना चाहिए, साथ ही हमें अपने ह्रदय में देशभक्ति की भावना रखनी चाहिए।

हमारा देश हमेशा से ही समृद्ध रहा है, जिसके वजह से इसे सोने की चिड़िया भी कहा जाता था।

अंग्रजों ने सीधे तौर पे हम पर हमला नहीं किया, बल्कि की उन्होंने व्यापार के बहाने अपने धूर्त और कपटी नीतियों के द्वारा हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों पर कब्जा किया। जिसके लिये उनहोंने “बांटो और राज करो” जैसे नीति का सहारा लिया।

हम सब जानते हैं कि हमारा देश विविधता से भरा हुआ और अंग्रजों ने इसी का फायदा उठाते हुए हमें धर्म, जाति, वर्ग और सम्प्रदाय तमाम तरह के आधारों पर बांट दिया और हम भारतीय उनके इस धूर्तता भरे व्यवहार को पहचान न सके और अपनी हर एक प्यारी चीज़ गवां बैठे।

जब अंग्रजों का यह कष्टदायी और आततायी व्यवहार सभी सीमाओं को पार कर गया तब चंद्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपत राय, रानी लक्ष्मी बाई जैसे कई आजादी के मतवाले सामने आए और इस परिस्थिती का डटकर सामना करते हुए अंग्रजों को हमारे देश से खदेड़ने में कामयाब रहें।

इसी के साथ ही उन्होंने अंग्रजों के किटरचित नीतियों का भी पर्दाफाश किया | काफी संर्घषों के पश्चात और लोगों के संगठित के प्रयासों के चलते हम आजादी प्राप्त करने में सफल रहें। हमारे क्रांतिकारियों ने उस सुनहरे सपने को देखा, जिसमें हमारा देश पूर्ण रुप से आजाद हो और अपने इस सपने को पूरा करने के लिये ना सिर्फ उन्होंने लड़ाई लड़ी बल्कि की मातृभूमि के लिये अपने प्राणों का भी बलिदान दे दिया।

इस पूरे समयकाल के दौरान हमारा देश ने कई कठिनाईयों का सामना किया। हालांकि एक बार स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद हमने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा। हमारा देश विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि और उद्योग में भी तेजी से तरक्की कर रहा है। इस दौरान हमारे देश में कई आतंकवादी हमले और राजनैतिक घोटाले हुए। जिन्होंने हमारे देश के अर्थव्यवस्था और एकता को हिलाकर रख दिया, लेकिन फिर भी हमारा देश उसी जोश और उमंग के साथ आगे बढ़ रहा है।

तो आइये शपथ लेते हैं कि हम हमेशा अपने कार्यों से अपने देश का गौरव बढ़ाने का प्रयत्न करेंगे और अपने पूर्वजों और महान क्रांतकारियो के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

आप सभी का धन्यवाद, तो आइये साथ मिलकर बोलते हैं- भारत माता की जय |

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अध्यापक के लिए 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी में

आदरणीय, मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे छात्र-छात्राओं आप सभी का मेरा हार्दिक अभिनंदन !

मैं, सुरेश शर्मा उच्च माध्यमिक विद्यालय बिहार का शिक्षक होने के नाते इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक भाषण देना चाहूंगी ।

मुझे विश्वास है कि 15 अगस्त का दिन आप सभी के दिलो में विशेष स्थान रखता होगा और यही कारण है कि हम बेसब्री से इस दिन का इंतजार करते हैं।

इस विशेष दिन हम उन सभी महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के याद में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। जिन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान देश के गौरव के लिये बहादुरी से लड़ते हुए अपना सर्वस्व त्याग दिया।

भारत का स्वतंत्रता दिवस सिर्फ अंग्रजों से प्राप्त हुई हमारी आजादी को ही नहीं दर्शाता है, बल्कि की यह हमारे देश के उस के उस क्षमता और शक्ति को भी दिखाता है जिसमें लोगों ने साथ मिलकर आजादी जैसे चुनैतीपूर्ण लक्ष्य को भी प्राप्त किया।

आजादी के इन 75 वर्षों में भारत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, हम सदैव ही प्रगति की ओर अग्रसित रहे हैं और वह दिन दूर नहीं है, जब पूरे विश्व में हमारा देश एक महाशक्ति के रुप में स्थापित होगा।

हमारे देश को आजाद हुए चार वर्ष भी नहीं हुये थे, जब हमारे संविधान के अनुसार हमारा देश एक गणतंत्र बनकर और मजबूत हुआ, जिसकी आज भी पूरे विश्व में प्रसंशा की जाती है।

हमारा भारत एक बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, यही कारण है कि हमारी शक्ति हमारी विविधता में ही छुपी हुई है। आज हमारा देश कृषि से लेकर प्रौद्योगिकी तक हर क्षेत्र में अग्रणी है, और इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम निरंतर बेहतर होते जा रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ना केवल हम अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, बल्कि की अपने देश के उपलब्धियों को स्मरण भी करते हैं जो हमें बेहतर और लीक से हटकर कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करता है।

हम सब को यह जानकर यह प्रसन्नता होती है, कि सैन्य शक्ति के मामले में आज हम दुनियाँ के पांच सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है, और इसका श्रेय हमारे देश के उन वीर सैनिकों को जाता है। जो हमारी सुरक्षा और देश की शांति व्यवस्था के लिये ना सिर्फ दिन-रात सीमा पर तैनात रहते हैं, बल्कि किसी भी आपदा और संकट के समय भी बचाव कार्यों के लिये तत्पर रहते हैं।

अंत में मै यही कहना चाहूँगा कि कोई भी देश सर्वोत्तम नहीं होता है हर देश में कुछ ना कुछ कमियाँ होती हैं। किसी देश की दुसरे देश के साथ तुलना करना भी गलत है क्योंकी हर देश अपने में अनोखा होता है और उसकी अपनी कमियाँ और खुबियाँ होती हैं।

तो आइये इस स्वतंत्रता दिवस ये संकल्प लेते हैं कि हम अपने देश की तरक्की और उन्नती के लिये हर संभव प्रयास करेंगे। हालांकि अपने मातृभूमि के प्रति अपने स्नेह को दर्शाने के लिये हमें कोई बहुत बड़े कदम उठाने की जरुरत नहीं है क्योंकि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, स्वच्छ भारत अभियान जैसी योजनाओं में अपना योगदान देकर और स्वदेशी उत्पादो तथा सार्वजनिक परिवाहन उपयोग करके भी हम अपने देश को और सुदंर तथा सुदृढ़ बनाने में सहायता कर सकते हैं।

अंत में मै यही कहना चाहूँगा- भारत माता की जय, जय हिंद, जय भारत !

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विद्यार्थी के लिए 15 अगस्त पर हिन्दी में भाषण

आदरणीय, मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, मेरे शिक्षक गण और साथियों | सभी का मेरा प्रणाम !

मैं नताशा शर्मा – कक्षा 9वीं की छात्रा हूँ | आज इस स्वातंत्रा दिवस समारोह में आप सभी का स्वागत करती हूँ। यह दिन हम भारतीयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 15 अगस्त के दिन ही हमने अंग्रेजी हूकुमत से आजादी हासिल की थी।

स्वतंत्रता के बाद भारतीय नागरिक सभी मौलिक अधिकारों का आनंद उठा सकते थे। यह गुलामी की जंजीरो में जकड़े उन सभी भारतीयों के लिये एक नये युग की शुरुआत थी जो एक बार फिर से स्वतंत्र माहैल में अपने इच्छा अनुसार अपना जीवन जी सकते थे।

यह इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि किस प्रकार से हमारे पूर्वजों को अंग्रेजों द्वारा अनगिनत अत्याचारों का सामना करना पड़ा और उनके द्वारा किये सर्वस्व बलिदान के बाद हमें इस आजादी की प्राप्ती हुई है।

भले ही हम कहें की हम उनके द्वारा सहन किये गए कष्टों को समझ सकते हैं पर हम उनके दुखोः की बिलकुल भी कल्पना नहीं कर सकते। उनके इन्हीं प्रयासों के चलते आखिरकार हमे सन् 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त हुई, जिसके पहले सदैव युद्ध और खूनी संर्घष आम बात थी।

हम कह सकते हैं कि यह दशको का संर्घष था, जोकि 1857 से शुरु होकर 1947 तक चला। हमारे महान क्रांतिकारी मंगल पांडेय को प्रथम स्वतंत्रता सेनानी के रुप में याद किया जाता है जिन्होंने सबसे पहले अंग्रजो के खिलाफ आवाज उठाई, जिससे भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिये भीषण संर्घष की शुरुआत हुई।

जिसके बाद कई सारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी के लिये समर्पित कर दिया। भला हम चन्द्र शेखर आजाद, भगत सिंह और खुदी राम बोस जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान को कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में देश के लिये अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।

इसके अलावा हम गाँधी जी और सुभाष चन्द्र बोस के बलिदानों को भी कैसे भूल सकते हैं। निसंदेह गाँधी जी एक महान भारतीय थे। जिन्होंने पूरे विश्व को अंहिसा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। आखिरकार 15 अगस्त 1947 को हमें इतने लम्बे संर्घषों का फल प्राप्त हुआ और हमारे देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

हम बहुत ही सौभाग्यशाली हैं कि हमें अपने पूर्वजों से उपहार स्वरुप इस आजादी की प्राप्ती हुई जिससे आज हम इस शांति भरे माहौल में बिना अपने अधिकारों की चिंता किये आजादी से रह सकते हैं।

हमारा देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खेल और शिक्षा के जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है, जोकि आजादी से पूर्व संभव नहीं था। इसके साथ ही भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने की ओर तेजी से आगे बढं रहा है। हम राष्ट्रमंडल, ओलिंपिक और एसियाई खेलों में भी सक्रिय रुप से हिस्सा लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

एक भारतीय नागरिक के तौर पे अब हमें अपनी सरकार चुनने का अधिकार है और अब हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में पूरी स्वयत्ता के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हालांकि हमें अपने देश की प्रति अपनी जिम्मेदारियों से खुद को आजाद नहीं समझना चाहिए और एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें ज़रुरत के समय अपने देश के लिये विपत्तियों का सामना करने से पीछे नहीं हटना चाहीए।

तो बस अब मैं अपने इस भाषण को समाप्त करने की अनुमति चांहूगी, तो आइये हम साथ मिलकर बोलें जय हिंद जय भारत |

अंतिम दो लाइन

इस पोस्ट में विद्यार्थियों व अध्यापक के लिए 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी में (15 August Independence Day Speech in Hindi) लिखे गए है |

यदि आप एक स्कूल में अध्यापक है तो आप इस पोस्ट से 15 अगस्त पर भाषण याद कर सकते है |

यदि आप स्कूल में एक विद्यार्थी है तो भी आप इस पोस्ट से भाषण लिखकर और याद करके 15 अगस्त पर हिन्दी में भाषण बोल सकते है |

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