यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का मीनिंग (Slok Yada Yada Hi Dharmasya meaning) हिन्दी में

क्या आपने भगवद गीता पढ़ी है? यदि हाँ तो उसमें यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक पढ़ा होगा | यदि हाँ तो क्या आप जानते है यदा यदा ही धर्मश्य का मीनिंग (Yada Yada Hi Dharmasya meaning) क्या होता है?

यदि आप नहीं जानते हो तो आज इस पोस्ट को पढ़कर यदा यदा ही धर्मश्य का हिन्दी में मीनिंग जान सकते है |

इसके अलावा इस पोस्ट में आपको यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का इंग्लिश, मराठी, तेलुगू, तमिल, कन्नड आदि में मतलब क्या होता है, इसके बारे में जानने को मिलेगा |

यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का मीनिंग जानना है तो इस पोस्ट को पूरा पढे क्योंकि यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का मीनिंग हिन्दी में यहाँ विस्तार बताया गया है |

Yada Yada Hi Dharmasya meaning in Hindi

यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक

भगवद गीता के अध्याय 4 का सातवाँ व आठवाँ श्लोक यदा यदा ही धर्मश्य है यह श्लोक श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता रूपी ज्ञान देने हेतु कहा गया था |

आपको यह तो पता ही होगा कि भगवद गीता में एक बार अर्जुन सांसरिक मोह माया के प्रभाव में आने से युद्ध करने से मना कर देता है तब श्री कृष्ण ने इसी श्लोक के द्वारा अर्जुन को ज्ञान दिया था | यह श्लोक यदा यदा ही धर्मश्य के नाम से जाना जाता है |

यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत I
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम II

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम I
धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे II

श्लोक यदा यदा ही धर्मश्य मीनिंग (slok Yada Yada Hi Dharmasya meaning)

यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक में श्री कृष्ण कहते हैं कि- “जब-जब इस पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, विनाश का कार्य होता है और अधर्म आगे बढ़ता है, तब-तब मैं इस पृथ्वी पर आता हूँ और इस पृथ्वी पर अवतार लेता हूँ।”

“सज्जनों और साधुओं की रक्षा करने लिए और पृथ्वी पर से पाप को नष्ट करने के लिए तथा दुर्जनों और पापियों के विनाश करने के लिए और धर्म की स्थापना के लिए मैं हर युग में बार-बार अवतार लेता हूँ और समस्त पृथ्वी वासियों का कल्याण करता हूँ।”

यदा यदा ही धर्मश्य का हिन्दी में मीनिंग व व्याख्या

यह ज्ञात है कि श्री कृष्ण द्वारा बताए गए सभी श्लोक गीता में लिखे गए है | इनमें से सबसे ज्यादा फेमस श्लोक यदा यदा ही धर्मश्य है जिसकी विस्तृत व्याख्या इस प्रकार है-

श्री कृष्ण के अनुसार इस पूरी दुनिया में लोगो द्वारा पाप एवं अधर्म बढ़ता जाता है और जब यह बहुत अधिक बढ़ जाता है और मानवता को खतरा होता है तब ऐसी परिस्थिति में अधर्म को रोकने व पुन: धर्म को बढ़ाने हेतु एवं मानवता को बनाए रखने के लिए मैं अर्थात श्री कृष्ण भगवान इस पृथ्वी पर किसी न किसी रूप में अवतार लेते है तथा अधर्म का विनाश कर पुन: धर्म की स्थापना करते है |

इसी प्रकार जब संसार में सज्जन पुरुषो की रक्षा के लिए व दुष्ट के विनाश के लिए और धर्म की स्थापना करने के लिए श्री कृष्ण हर युग में अवतार लेते है तथा दुष्ट का विनाश कर धर्म की स्थापना करते है | लोगों में पुन: धर्म के प्रति आस्था रखने के लिए उन्हें धरती पर अवतार लेना ही पड़ता है |

यह भी पढे- नेवर गिव अप मीनिंग हिन्दी में

यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक इंग्लिश में

“Whenever there is loss of righteousness on this earth, acts of destruction take place and unrighteousness progresses, then I come to this earth and incarnate on this earth.”

In order to protect the gentlemen and sadhus and to destroy the sin from the earth and to destroy the wicked and sinners and to establish dharma, I incarnate again and again in every age and do the welfare of all the people of the earth. “

यदा यदा ही धर्मश्य का मीनिंग मराठी में

“जेव्हा जेव्हा या पृथ्वीवर धार्मिकतेची हानी होते, विनाशाची कृत्ये होतात आणि अधर्म वाढतो तेव्हा मी या पृथ्वीवर येतो आणि या पृथ्वीवर अवतार घेतो.”

सज्जनांचे व साधूंचे रक्षण व्हावे व पृथ्वीवरून पापाचा नाश व्हावा व दुष्ट व पापी यांचा नाश व्हावा व धर्माची स्थापना व्हावी म्हणून मी प्रत्येक युगात पुन:पुन्हा अवतार घेतो व पृथ्वीवरील सर्व लोकांचे कल्याण करतो. “

यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का मीनिंग कन्नड में

“ಈ ಭೂಮಿಯಲ್ಲಿ ಸದಾಚಾರದ ನಷ್ಟವುಂಟಾದಾಗ, ವಿನಾಶದ ಕಾರ್ಯಗಳು ನಡೆಯುತ್ತವೆ ಮತ್ತು ಅಧರ್ಮವು ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ, ಆಗ ನಾನು ಈ ಭೂಮಿಗೆ ಬಂದು ಈ ಭೂಮಿಯ ಮೇಲೆ ಅವತರಿಸುತ್ತೇನೆ.”


ಸಜ್ಜನರನ್ನು ಮತ್ತು ಸಾಧುಗಳನ್ನು ರಕ್ಷಿಸಲು ಮತ್ತು ಭೂಮಿಯಿಂದ ಪಾಪವನ್ನು ನಾಶಮಾಡಲು ಮತ್ತು ದುಷ್ಟರನ್ನು ಮತ್ತು ಪಾಪಿಗಳನ್ನು ನಾಶಮಾಡಲು ಮತ್ತು ಧರ್ಮವನ್ನು ಸ್ಥಾಪಿಸಲು, ನಾನು ಪ್ರತಿ ಯುಗದಲ್ಲಿಯೂ ಮತ್ತೆ ಮತ್ತೆ ಅವತರಿಸುತ್ತೇನೆ ಮತ್ತು ಭೂಮಿಯ ಎಲ್ಲಾ ಜನರ ಕಲ್ಯಾಣವನ್ನು ಮಾಡುತ್ತೇನೆ. “

Yada Yada Hi Dharmasya meaning in Bengali

“যখনই এই পৃথিবীতে ধার্মিকতার ক্ষয় হয়, ধ্বংসের ঘটনা ঘটে এবং অধর্মের অগ্রগতি হয়, তখনই আমি এই পৃথিবীতে এসে এই পৃথিবীতে অবতীর্ণ হই।”
ভদ্রলোক ও সাধুদের রক্ষা করার জন্য এবং পৃথিবী থেকে পাপ নাশ করার জন্য এবং দুষ্ট ও পাপীদের বিনাশ এবং ধর্ম প্রতিষ্ঠার জন্য আমি প্রতি যুগে বারবার অবতার ধারণ করে পৃথিবীর সকল মানুষের কল্যাণ করি। “

Technomantu free instagram follower app download

यदा यदा ही धर्मश्य का तमिल में मीनिंग

“இந்த பூமியில் எப்பொழுது தர்மம் அழிகிறதோ, அழியும் செயல்கள் நடக்கின்றன, அநியாயம் முன்னேறுகிறதோ, அப்போது நான் இந்த பூமிக்கு வந்து இந்த பூமியில் அவதாரம் எடுக்கிறேன்.”

மாண்புமிகு சாதுக்களைக் காக்கவும், பூமியில் இருந்து பாவத்தை அழிக்கவும், துன்மார்க்கரையும், பாவிகளையும் அழித்து, தர்மத்தை நிலைநாட்டவும், நான் ஒவ்வொரு யுகத்திலும் மீண்டும் மீண்டும் அவதாரம் செய்து, பூமியில் உள்ள அனைத்து மக்களுக்கும் நன்மை செய்கிறேன். “

तेलुगू में यदा यदा ही धर्मश्य श्लोक का मीनिंग

“ఎప్పుడైతే ఈ భూమిపై ధర్మాన్ని కోల్పోతాడో, విధ్వంసక చర్యలు జరుగుతాయి మరియు అధర్మం పురోగమిస్తుంది, అప్పుడు నేను ఈ భూమిపైకి వచ్చి ఈ భూమిపై అవతరిస్తాను.”

సజ్జనులను, సాధువులను రక్షించడానికి మరియు భూమి నుండి పాపాన్ని నాశనం చేయడానికి మరియు దుష్టులను మరియు పాపులను నాశనం చేయడానికి మరియు ధర్మాన్ని స్థాపించడానికి, నేను ప్రతి యుగంలో మళ్లీ మళ్లీ అవతరించి భూలోక ప్రజలందరికీ క్షేమం చేస్తాను. “

अंतिम दो शब्द

आज हमने यदा यदा ही धर्मश्य का मीनिंग (yada yada hi dharmasya meaning) हिन्दी, कन्नड व अन्य भाषाओं में जाना है आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा |

Leave a Comment